उत्तराखंड में इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए 13 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मैदानी और पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
9 सितंबर को राज्य के मैदानी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 10 सितंबर को पर्वतीय जिलों में मौसम और खराब रहेगा तथा कहीं-कहीं भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। 11 सितंबर को मौसम विभाग ने विशेष तौर पर उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां भारी वर्षा और मौसम में अचानक बदलाव की संभावना है।
इसके अलावा, 12 सितंबर को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है। इस दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही बरसात के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और बागेश्वर जिलों के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा हुआ है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश ने जहां पर्यटकों की आवाजाही को प्रभावित किया है, वहीं ग्रामीण इलाकों में लोगों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। किसानों के लिए यह बारिश एक तरफ फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन दूसरी ओर खेतों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक लोगों को बारिश और बिजली गिरने से सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।