देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ मुख्य सेवक संवाद कार्यक्रम में सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से जुड़े सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही पेंशन की पांचवीं किश्त का ऑनलाइन भुगतान भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि अब 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी जाएगी। इसके अलावा कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में वृद्धाश्रम स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुजुर्गों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर देखभाल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में इस समय लगभग 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इनमें से 86 हजार से अधिक दिव्यांगजन को प्रतिमाह 1500 रुपये और 8 हजार से अधिक दिव्यांग बच्चों को 700 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, विशेष योजनाओं के तहत कृषि कार्य के दौरान दिव्यांग हुए व्यक्तियों और कम कद वाले नागरिकों को भी मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं। कई अन्य जिलों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि बदलते सामाजिक परिदृश्य को देखते हुए राज्य सरकार ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को लागू किया है, ताकि बुजुर्ग अपने अधिकारों को कानूनी रूप से सुरक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।